क्या है मामला
हरिगढ़ जो नाम है उसको रखने का प्रस्ताव पास हो चुका है
अभी प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड के अधिवेशन में पास हुआ है भाजपा पार्षद संजय पंडित ने इसके लिए सुझाव दिया था जिसके बाद यह प्रस्ताव पास हो गया है अब जो अलीगढ़ है वह हरिगढ़ के नाम से जाना जाएगा ,अलीगढ़ के नाम को बदलने के लिए बहुत पहले से मांग चली आ रही है। वहा के लोकल जितने भी जनप्रतिनिधि हैं चाहे वह पार्षद हो वहां के विधायक हो तथा कई सारे भाजपा के बड़े नेता जो की अलीगढ़ से ताल्लुक रखते हैं वह लगातार इस बात की मांग कर रहे हैं कि अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किया जाए
कितना समय लगेगा
इसको लेकर बाकायदा शासन की तरफ से एक प्रस्ताव मांगा गया था कि वहां की जो अथॉरिटी है अब शासन का फैसला करना है कि प्रस्ताव पर कैसे मोहर लगेगी मामला शहर का नाम बदलने का है ,लिहाजा यह अधिकार सीएम के पास है सीएम इस प्रपोजल को कैबिनेट के सामने रखेंगे ,कैबिनेट के बाद यह मामला विधानसभा में जाएगा वहां से प्रस्ताव पर मुहर लगेगी और अलीगढ़ का नाम बदल जाएगा अभी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है इसमें वक्त जरूर लगेगा ।
आखिर क्यों बदला जा रहा है
जिस तरीके से उत्तर प्रदेश में बाकायदा कई शहरों के नाम बदले गए जैसे इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया फैजाबाद को अयोध्या कर दिया गया । यह काम 2017 से ही उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ था इसी कड़ी में एक नया अलीगढ़ हो सकता है
योगी आदित्यनाथ जी का कहना है कि हमने नाम बदला नहीं है हमने उसके नाम को पुनः स्थापित किया। हमने उनके पौराणिक और ऐतिहासिक नाम फिर से दिए हैं ।

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