आप सभी भक्तों को दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आपका जीवन खुशियों से भरा हो आपके जीवन में सब प्रकार की खुशीयां भगवत कृपा से प्राप्त हों ।दीपावली कब से मनाई जा रही है - diwali kyu mnai jati hai

दीपावली का त्यौहार कब से मनाया जा रहा है

यह दीपावली का पावन पर्व आप जानते हैं कब से मनाया जा रहा है जब माता लक्ष्मी प्रगट हुई समुद्र मंथन से और जब वह बैकुंठ गई तो भगवान के गले में माला पहनाया तो जो वैकुंठवासी थे , जो वैकुंठ में रहने वाले भगवान के परम भक्त लोग थे उन्होंने देखा कि आज लक्ष्मी जी आई हैं और भगवान नारायण के गले में माला पहना रहे हैं एक दूसरे से मिल रहे हैं, विवाह हो रहा है तो सभी वैकुंठ वासियों ने अपने अपने घरों में दीप जलाकर के और भगवान लक्ष्मीनारायण के विवाह का उत्सव मनाया यह विवाहोत्सव सर्वप्रथम बैकुंठ में सभी भक्तों के द्वारा दीप प्रज्वलित करके मनाया गया 

पृथ्वी पर दीपावली कब से मनाई जा रही है

उसके बाद वह उत्सव उन्हें भक्तों के द्वारा जब वह भक्त किसी ना किसी रूप में जो बैकुंठ के समय मे थे वह किसी ना किसी रूप में जब वह इस मृत्यु लोक में आए तो, उन्होंने इस मृत्यु लोक में यह उत्सव चालू किया और तब से लेकर आज तक दीपावली का उत्सव मनाया जा रहा है यह उत्सव सर्व प्रथम बैकुंठ मनाया गया था यह उत्सव जो हम मनाते हैं यह बैकुंठ का उत्सव है इसे वैकुंठ उत्सव भी कहते हैं दीपोत्सव भी कहते हैं दीपावली भी कहते हैं यह दीपावली भगवान नारायण का लक्ष्मी से विवाह हुआ था इसलिए दीपावली का पर्व मनाते हैं

लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों होती है

अच्छा दक्षिण भारत में लक्ष्मी नारायण की पूजा होती है परंतु उत्तर भारत में लक्ष्मी-गणेश की पूजा होती है अब आप कहेंगे कि लक्ष्मी जी से गणेश जी का क्या संबंध है तो गणेश जी बुद्धि के देवता हैं और लक्ष्मी जी धन की अधिष्ठात्री हैं हैं तो लक्ष्मी जी गणेश जी के बगल में बैठी हैं, गणेश जी बुद्धि जिस व्यक्ति के भीतर बुद्धि होगी उसी के पास लक्ष्मी होगी यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा मैसेज हैं कि लक्ष्मी उन्हीं के पास होती हैं जिनके पास बुद्धि होती है ।

लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों होती है

दीपावली से क्या संदेश जाता है

दशहरा से तो हमें पता है कि असत्य पर सत्य की जीत होती है इस दीपावली से क्या संदेश आता है इसलिए आज दीपावली के दिन आप सभी लोग बुद्धि का प्रयोग कीजिएगा बच्चों को बुद्धिमान बनाइएगा शुद्ध बुद्धि हो शुद्ध विचार हूं उसके साथ जब आप शुद्धता की ओर आगे अच्छे विचारों के साथ आगे बढ़ेंगे तो निश्चित लक्ष्मी जी आप के बगल में होंगी अर्थात आपके साथ होंगी तो आप सभी को पुन दीपावली की लाख-लाख शुभकामनाएं बधाइयां आपका जीवन मंगलमय हो सभी प्रकार की खुशियों से भरा हुआ हो बारंबार आपके जीवन में खुशहाली हो।

दीपावली के लिए हमारी ओर से संदेश ...

रामचरितमानस में गोस्वामी जी कह रहे हैं है कि 'राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरी द्वार तुलसी भीतर बाहरौ हीरो जो चाहत उजियार' ..

जो व्यक्ति अपने जीवन में प्रकाश चाहता देखो दीपावली का दिया तो घंटे भर में 2 घंटे में मुझे जाता है परंतु एक भक्ति का दिया ज्ञान कर दिया ऐसा जलाई अपने भीतर कभी मुझे ना कौन सा दिया राम नाम मनिदीप धरु राम नाम कर दिया कृष्ण नाम का दीया भक्ति का दी अपने मन मंदिर में ऐसा जलाई इस दीपावली में कि बाकी दिए भले भूल जाएं पर यह भक्ति का यह प्रेम का आइए अच्छे विचारों की दिए जलते रहें संस्कारों के दिए जलते रहें और यह कभी ना बन जाएं तो राम नाम का कृष्ण नाम का दीया जलाएं आप अपने जीवन को भक्तिमय बना लें भगवान के चरणों में अपने आपको समर्पित करें मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे भगवान नारायण की कृपा आप पर बनी रहे माता पिता की कृपा आप पर बनी रहे इन्हीं मंगलकामनाओं के साथ आपको पुनाह दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं साथ में गोवर्धन पूजा की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं अन्य कुछ की भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं भाई दूज की भी आप सभी भक्तों को बहुत-बहुत एडवांस में शुभकामनाएं और देवउठनी एकादशी की भी आपको एडवांस में बहुत-बहुत शुभकामनाएं आपका जीवन खुशियों से भरा हो आपका आंगन हंसी खुशी से भरा हो यही मंगल कामना आप सभी के लिए और यह गौरी गोपाल भगवान की जय ।